शब्द सांचा, पींड काचा। राजगुरु का बचन जुग जुग साचा। वज्र पानी पिबेच्चांगे डाकिनी डापिनी रक्षोव सर्वांगे। ऊँ ह्रीं श्रीं चामुण्डा सिंहवाहिनी बीसहस्ती भगवती रत्नमण्डित सोनन की माल । अपने गुरु एवं परमात्मा पर पूर्ण विश्वास और श्रद्धा रखें। ❤ इसे और लोगो (मित्रो/परिवार) के साथ शेयर करे जिससे वह https://laxmi61468.vblogetin.com/45512032/the-unexpected-gains-diaries